रविवार, 21 जून 2009

डॉक्टर मुझे खुजली हो गया हैं

ड्रागिस्टों की कमी नहीं हैं ,दुनियॉं भर से यदि ऑंकडे इकट्ठे किए जाए तो चौकाने वाली तत्थ्य सामने आ सकती हैं । ड्रग एक प्रकार के हो तो कुछ बात सामने लाने में सरल हो जाए ,परन्तु देश -दुनियॉं में तो इसका सम्राज्य बन गया हैं ,पिछले वर्ष पान पराग पान मसाले के बारे में खबरें छपी कि ..निर्माता रसिक भाई का दाउद इब्राहिम के साथ सम्बन्ध हैं और पान पराग में उसका बडा शेयर भी है। देश में रसिक भाई को गिरप्तार कर लिया गया ,बाद में छोड़ भी दिया गया, आज भी पान पराग धड़ल्ले से बिक्री हो रही हैं । बताया जाता हैं कि इसमें ड्रग मिला हुआ हैं ,एक बार किसी को पान पराग का लत लग जाए तो एका एक छुटता नहीं हैं । बाजार में ऐसी कोई चीज नहीं बची हैं जिस पर दावे के साथ कहा जा सके कि यह जहर मुक्त हैं । ड्रगिस्ट की भॉंति मैं भी एक ब्लोगिस्ट बनता जा रहा हूँ ,पिछले बार मैंने लिखा था कि मेरे साथ हर रोज बलात्कार हो रहा हैं ,मुझे न्याय चाहिए ,कुछ मित्रों ने मुझे न्याय मिलने का रास्ता भी बताया था अत: उन मित्रों को मैं फिर से एक निवेदन करना चाहता हूँ कि मुझ पर कुछ न विपत्ति हमेशा आता हैं ,क्या करूं जब मेरा किस्मत ही फूटा हुआ हैं तो किसको दोश दूँ ?विपत्ति में अपनों का ही साथ याद आता हैं । मुझे खूजली हो गया हैं ,अनेक डाक्टरों को दिखाया ,दवाईयॉं ली , पर खूजली हैं कि दिनों दिन बढता ही जा रहा हैं । कल ही डाक्टर साहब के पास गया था ,उन्होंने कहॉं कि.कल ही तुमने बताया ...तुम पर बलात्कार हो गया हैं... आज खुजली कैसे ? मैंने कहा...डाक्टर साहब क्या बलात्कार होने पर खूजली नहीं होता ? उन्होंने कहा कि बिल्कूल नहीं , मैंने पूछा सर...मैं तो कुछ भी समझ नहीं पा रहा हूँ ,उन्होंने कहॉं तुम्हारा खूजली कहॉं -कहॉं होता है? पुरे शरीर में.. पुरे शरीर में खूजली होने का मतलब तुम्हारा खून ही खराब हो गया हैं .....कहीं तुम्हें एड्स तो नहीं हो गया है ? तुम ड्ग्स तो नहीं लेते ? तुम नान वेज लेते हो ? मैंने कहॉं कि डाक्टर साहब घर में कभी कभी खा लेता हूं अरे भाई नानवेज का मतलब भी नहीं समझते ...? मैंने कहा...पहले कभी -कभी मांस भी ले लेता था ,जब से बर्ड फ्लू और स्वाईन फ्लू जैसे महामारी फैल गया हैं तब से नान वेज छोड़ दिया हैं । अब तो डाक्टर साहब कुछ नराज हो कर बोले नानवेज से मेरा मतलब वो नहीं हैं । मैंने पूछा कि फिर क्या बात हैं ,स्कुल -कालेजों में तो यही पढाया जाता है।मुझे बहुत पास बुलाकर बोले कि हम लोग नान वेज का मतलब सेक्स से लेते हैं ,मैंने कहा कि इतनी सी बात और मुझे समझ में नहीं आरहा था ,इसका मतलब हैं कि मुझे कोई कठिन रोग जरूर हो गया है। मैंने कहा डाक्टर !मेरा ईलाज अच्छा से किजीए नही तो मैं मर जाउंगा । आयुर्वेद डाक्टर होने के कारण सबसे पहले मैं रोग के तह तक जाना चाहता हूँ, खान पान रहन सहन आदी ही रोग का जड़ हैं, तुम यदि खाने में शुद्ध शकाहारी भोजन लो तो 90 प्रतिशत रोग भोजन से ही खत्म हो जाता हैं । खूजली भी नहीं होगा ....मैंने कहा कि डाक्टर साहब ! खूजली तो कई प्रकार के होते हैं ,कुछ लोगों को राजनीति करने की खूजली ,कुछ को सेक्स की खूजली ,कुछ तो बकर करने की ,आज लिखने का भी खूजली ही तो हैं । डाक्टर ने पर्ची में लिखा कि दुनियॉं में अनेक प्रकार की खूजली विद्यमान हैं सबका ईलाज भी भीन्न -भीन्न होने के कारण तुम्हारा खूजली उत्तम कोटी के खूजली में गिने जाने के करण तुम इसे खूजाते रहो ...यही तुम्हारा ईलाज है.............

3 टिप्‍पणियां:

  1. बीमारी मुश्किल है भाई.....ओर साथ में इन्फ़ेक्शियस भी.... बस अब सब कुछ ऊपर वाले के हाथ में है

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